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भारत के हर नागरिक को मिलेंगी हेल्थ आईडी,पीएम मोदी ने की ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ की शुरुआत की. इसके जरिए प्रत्येक नागरिक को हेल्थ आईडी प्रदान की जाएगी, जो उनके एक स्वास्थ्य खाते के रूप में भी काम करेगी

पीएम ने कहा कि 130 करोड़ आधार नंबर, 118 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर्स, लगभग 80 करोड़ इंटरनेट यूजर, करीब 43 करोड़ जनधन बैंक खाते इतना बड़ा कनेक्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया में कहीं नही है. ये डिजिटल इंफ्रारस्ट्रक्चर राशन से लेकर प्रशासन तक को तेज, पारदर्शी तरीके से सामान्य भारतीय तक पहुंचा रहा है.

पीएम ने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में बहुत मदद मिली. सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन अभियान के तहत भारत आज करीब-करीब 90 करोड़ वैक्सीन डोज लगा पाया है तो इसमें Co-WIN का बहुत बड़ा रोल है.

पीएम ने कहा कि कोरोना काल में टेलिमेडिसिन का भी अभूतपूर्व विस्तार हुआ है. ई-संजीवनी के माध्यम से अब तक लगभग सवा करोड़ रिमोट कंसल्टेशन पूरे हो चुके हैं. ये सुविधा हर रोज़ देश के दूर-सुदूर में रहने वाले हजारों देशवासियों को घर बैठे ही शहरों के बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों से कनेक्ट कर रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा आयुष्मान भारत- डिजिटल मिशन, अब पूरे देश के अस्पतालों के डिजिटल हेल्थ सोल्यूशंस को एक दूसरे से कनेक्ट करेगा. इसके तहत देशवासियों को अब एक डिजिटल हेल्थ आईडी मिलेगी. हर नागरिक का हेल्थ रिकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित रहेगा.

मोदी ने कहा कि भारत के हेल्थ सेक्टर को ट्रांसफॉर्म करने के लिए मेडिकल एजुकेशन में भी अभूतपूर्व रिफॉर्म्स हो रहे हैं. 7-8 साल में पहले की तुलना में आज अधिक डॉक्टर्स और पैरामेडिकल मैनपावर देश में तैयार हो रही.

मोदी ने कहा कि एक संयोग ये भी है कि आज का ये कार्यक्रम वर्ल्ड टूरिज्म डे पर आयोजित हो रहा है. कुछ लोग सोच सकते हैं कि हेल्थ केयर के प्रोग्राम का टूरिज्म से क्या लेना देना. लेकिन हेल्थ का टूरिज्म के साथ एक बड़ा मजबूत रिश्ता है क्योंकि जब हमारा हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर इंटीग्रेटेड होता है, मजबूत होता है, तो उसका प्रभाव टूरिज्म सेक्टर पर भी पड़ता है

प्रधानमंत्री ने कहा अब भारत में एक ऐसे हेल्थ मॉडल पर काम जारी है, जो होलिस्टिक हो, समावेशी हो. एक ऐसा मॉडल, जिसमें बीमारियों से बचाव पर बल हो,- यानि प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, बीमारी की स्थिति में इलाज सुलभ हो, सस्ता हो और सबकी पहुंच में हो.

पीएम ने कहा कि बीते सात वर्षों में, देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का जो अभियान चल रहा है, वो आज से एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है. आज एक ऐसे मिशन की शुरुआत हो रही है, जिसमें भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की ताकत है.

मोदी ने कहा कि भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी है कि गांवों की चिकित्सा सेवाओं में सुधार हो. आज गांव और घर के निकट ही प्राइमरी हेल्थ केयर से जुड़े नेटवर्क को सशक्त किया जा रहा है. अभी तक ऐसे 80,000 सेंटर चालू हो चुके हैं.

मोदी ने कहा कि बेहतर मेडिकल सिस्टम के साथ ही ये भी जरूरी है कि गरीब और मध्यम वर्ग का दवाओं पर कम से कम खर्च हो. इसलिए केंद्र सरकार ने जरूरी दवाओं, सर्जरी के समान, डायालिसिस जैसी अनेक सेवाओं और समान को सस्ता रखा है.

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